योजना से संबंधित मुख्य बातेंः-
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पाम ऑयल पौध का रोपण (Planting material (imported)):- इस घटक के अन्तर्गत किसानों की भूमि पर ऑयल पाम पौध का रोपण किया जायेगा, जिसके लिए राशि 29000.00 रूपये प्रति हे॰ अनुदान देने का प्रस्ताव है। 1.0 हे॰ भूमि पर 150 ऑयल पाम पौध का रोपण किया जायेगा। ऑयल पाम पौध की आपूर्ति ‘‘रूचि की अभिव्यक्ति (Expression OF Interest)’’ के माध्यम से चयनित योग्य आपूर्तिकर्ताओं द्वारा की जायेगी।
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Management and input for intercropping upto gestation period (1st Year) :- इस घटक के अन्तर्गत ऑयल पाम पौध लगाने वाले कृषकों की भूमि में उद्यानिक फसलों की अन्तर्वर्ती खेती एवं निकौनी, पौधा संरक्षण, उर्वरक एवं खाद, खर-पतवार नियंत्रण एवं अन्य कृषि कार्य हेतु प्रति वर्ष 10,500.00 रूपये प्रति हे॰ के दर से अनुदान दिया जायेगा।
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Borewells at oil palm farm :- इस घटक के लिए कुल भौतिक लक्ष्य 100 निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 50,000.00 रूपये प्रति बोरवेल का अनुदान दिया जायेगा।
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“Planting Material (Imported)” एवं “Management and Inputs for Intercropping During the Gestation Period” दोनों लाभ एक ही कृषक को प्रदान किए जाएंगे। “Management and Inputs for Intercropping During the Gestation Period” का लाभ तभी देय होगा, जब संबंधित कृषक द्वारा स्वीकृत Planting Material (Imported) का रोपण किया गया हो। अतः Planting Material (Imported) के रोपण के बिना Intercropping हेतु Management and Inputs का लाभ अनुमन्य नहीं होगा।
∎ इच्छुक कृषक को भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र/दो वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व रसीद/ऑनलाईन अद्यतन रसीद/वंशावली के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र/गैर रैयत हेतु
एकरारनामा
में से कोई एक दस्तावेज उपस्थापित करना अनिवार्य होगा। यदि आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं है, तो भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा।
∎ इच्छुक कृषक आवेदन करने से पूर्व DBT में पंजीकृत बैंक खाता सम्बंधित विवरण की जाँच स्वयं कर लें।
∎ नियमानुसार सहायतानुदान DBT-In-Cash/DBT-In-Kind के तहत् CFMS द्वारा भुगतान किया जायेगा।