आलू के प्रसंस्करण हेतु उपयुक्त प्रभेद लेडी रोसेटा का क्षेत्र विस्तार की योजना (राज्य योजना) (2026-27) हेतु ऑनलाईन आवेदन फॉर्म
योजना से संबंधित मुख्य बातेंः-
∎ आलू के लेडी रोसेटा प्रभेद के क्षेत्र विस्तार राज्य के 30 जिलों यथा- औरंगाबाद, बाँका, बेगुसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गयाजी, गोपालगंज, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णियाँ, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली एवं पश्चिम चंपारण में किया जायेगा।
∎ योजना का लाभ न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हे०) तथा अधिकतम 5 एकड़ (2 हे०) के लिए देय होगा।
∎ आलू के प्रसंस्करण हेतु उपयुक्त प्रभेद लेडी रोसेटा की खेती हेतु प्रति हेक्टेयर बीज दर 30 क्विंटल है। अनुमानित बीज मूल्य 4,000.00 रूपये प्रति क्विंटल/वास्तविक बीज मूल्य दोनों में से जो कम होगा, पर कृषकों को बीज उपलब्ध करायी जायेगी। प्रति हेक्टेयर अनुमानित इकाई लागत बीज मूल्य सहित 1,25,150.00 रूपये मात्र पर 75 प्रतिशत अर्थात् 93,863.00 रूपये मात्र प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दो किस्तों में 75:25 के अनुपात में दिया जायेगा। प्रथम किस्त के रूप में 70,397.00 रूपये इनपुट एवं उपादान क्रय के लिए तथा द्वितीय किस्त के रूप में 23,466.00 रूपये प्रति हेक्टेयर आलू रोपाई उपरांत स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन के पश्चात् दी जायेगी।
∎ इच्छुक कृषकों को भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र/दो वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व रसीद/ऑनलाईन अद्यतन रसीद/वंशावली/एकरारनामा (विहित प्रपत्र) के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व का प्रमाण-पत्र में से कोई एक उपस्थापित करना अनिवार्य होगा। यदि आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं है, तो भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा| गैर-रैयत कृषक एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ ले सकते हैं। एकरारानामा का प्रारूप दिये गये Link पर उपलब्ध है, जिसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
∎ इच्छुक कृषक आवेदन करने से पूर्व DBT में पंजीकृत बैंक खाता संबंधित विवरण की जाँच स्वयं कर लें।
∎ नियमानुसार सहायतानुदान DBT कार्यक्रम के तहत् CFMS द्वारा भुगतान किया जायेगा।
∎ उपर्युक्त बिन्दु से यदि इच्छुक कृषक सहमत हो, तो नियमानुसार ऑनलाईन आवेदन हेतु आमंत्रित है।