✔ इस योजना का उद्देश्य मखाना के सम्पूर्ण मूल्य श्रंखला को प्रोत्साहित एवं मजबूत करना है। मुख्य अवयव है- आवश्यकता आधारित अनुसंधान एवं नवाचार, मखाना उत्पादन, बीज वितरण, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन, ब्रांडिंग, बाजार व्यवस्था, निर्यात को प्रोत्साहन एवं सर्टिफिकेशन इत्यादि व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए कृषक, व्यापारी एवं FPO के आय में वृद्धि करते हुए उचित मूल्य प्राप्त करना है।
✔ राज्य के 21 जिलों यथा- कटिहार, पूर्णियाँ, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज एवं पटना में इस योजना का लाभ दिया जायेगा।
✔ योजना अन्तर्गत एक किसान को न्यूनतम 0.25 (0.1 हे॰) तथा अधिकतम 5 एकड़ (2हे॰) का लाभ दिया जायेगा।
✔ एकीकृत उद्यान विकास योजना, MIDH के मार्गदर्शिका के अनुसार सामान्य जाति, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए क्रमशः 83.903 प्रतिशत, 15.00 प्रतिशत एवं 1.097 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जायेगा। यह भी प्रयास किया जायेगा कि लाभुक में 30 (तीस) प्रतिशत महिला कृषकों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
✔ योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय मखाना बोर्ड द्वारा निर्धारित मार्गदर्शिका के आलोक में ही किया जायेगा।