बाग उत्थान अभियान
* आम एवं लीची के बागों को स्वस्थ्य रखने,उत्पादकता बढ़ाने तथा अनियमित फलों को कम करने के उद्देश्य से बाग़ उत्थान अभियान का कार्यक्रम तैयार किया गया है।
* योजनान्तर्गत आम एवं लीची के 10 वर्षों या उससे अधिक के कम से कम 10 पेड़ों का बाग़ एक जगह होना अनिवार्य है ।
* निजी क्षेत्र में आम एवं लीची के पेड़ों के चारो ओर थाला का निर्माण तथा पुताई (चुना, कीटनाशी एवम्‌ फफूंदनाशी के साथ) का कार्य तथा सरकारी नर्सरीयों में अवस्थित मातृवृक्षों का प्रबंधन के तहत थाला निर्माण, पुताई (चुना, कीटनाशी एवम्‌ फफूंदनाशी के साथ), छ्त्रक प्रबंधन, पोषक तत्यो का प्रयोग एवं Drip Irrigation लगाने का कार्य सामिल है।
* निजी क्षेत्र में थाला निर्माण एवं पुताई हेतु श्रमिक सहित आवश्यक सामानों यथा कुदाल,Measuring Tape,सुतली,चूना,क्लोरपाईरीफोस 20EC, कॉपरआक्सीक्लोराइड (50% w/p), इत्यादि की व्यवस्था कृषकों को स्वयं करना होगा ।
* सामग्री का क्रय कृषि निदेशालय/जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कीटनाशी/फफूंदनाशी/खाद एवं उर्वरक विक्रय हेतु लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों/प्रतिष्ठानों/दुकानों से BFR 2005 के तहत क्रय किया जायेगा तथा GST युक्त पक्की रसीद/अभिश्रव प्राप्त करना अनिवार्य होगा ।
* इस योजना का लाभ राज्य के 18 जिला यथा मुजफ्फरपुर,दरभंगा,वैशाली,समस्तीपुर,पूर्वी चंपारण,प० चंपारण,भागलपुर,मधुबनी,सीतामढ़ी,बांका,पूर्णिया,कटिहार,शिवहर,सहरसा,खगड़िया,मधेपुरा,सुपौल एवं अररिया के कृषकों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है ।
* नियमानुसार सहायतानुदान DBT कार्यक्रम के तहत् CFMS द्वारा भुगतान किया जायेगा।